ग्रेच्युटी क्या है और 15/26 फॉर्मूला कैसे काम करता है?
ग्रेच्युटी (Gratuity) एक अनिवार्य रिटायरमेंट लाभ है जो एक नियोक्ता (कंपनी) अपने कर्मचारी को उसकी लंबी और निष्ठावान सेवा के सम्मान में देता है। यह Payment of Gratuity Act, 1972 द्वारा शासित होता है।
महीने में 4 रविवार घटाकर औसतन 26 कार्य दिवस माने जाते हैं। प्रत्येक पूरे किए गए सेवा वर्ष के लिए कर्मचारी को 15 दिनों का वेतन ग्रेच्युटी के रूप में दिया जाता है।
सूत्र: (15 × [अंतिम मूल वेतन + DA] × कुल वर्ष) ÷ 26
6 महीने की राउंडिंग का नियम क्या है?
यदि आपकी कंपनी ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत आती है, तो 6 महीने से अधिक के कार्यकाल को एक पूर्ण वर्ष माना जाता है:
- यदि आपकी सेवा 7 वर्ष 7 महीने है, तो गणना 8 वर्ष के आधार पर होगी।
- यदि आपकी सेवा 7 वर्ष 5 महीने है, तो गणना 7 वर्ष के आधार पर होगी।
टैक्स छूट और ₹20 लाख की कानूनी सीमा
आयकर अधिनियम की धारा 10(10) के तहत निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए जीवनकाल में अधिकतम ₹20,00,000 (20 लाख रुपये) तक की ग्रेच्युटी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है। यदि किसी कर्मचारी को ₹25 लाख ग्रेच्युटी मिलती है, तो ₹20 लाख कर-मुक्त होंगे और शेष ₹5 लाख उसकी उस वर्ष की कुल आय में जुड़कर टैक्स स्लैब के अनुसार कर-योग्य होंगे।